डीएपी खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाए सरकार: अशोक साहू
1500 की डीएपी 2400
मे बेचे जाने से किसानों में भारी आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थान: हजारीबाग
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य अशोक साहू ने क्षेत्र में डीएपी (DAP) खाद की हो रही कालाबाजारी पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस पर तुरंत रोक लगाने की पुरजोर मांग की है।
किसानों पर दोहरी मार, लागत बढ़ने से किसान लाचार
मामले की गंभीरता को उजागर करते हुए अशोक साहू ने कहा कि वर्तमान में खाद विक्रेता किसानों का शोषण कर रहे हैं:
दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी: 1500 रुपये की कीमत वाली डीएपी खाद की बोरी किसानों को 2400 रुपये तक में मनमाने दामों पर बेची जा रही है।
वजन में कटौती: एक तरफ कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, तो दूसरी तरफ बोरी का वजन 50 किलो से घटाकर 45 किलो कर दिया गया है।
बढ़ती लागत: खाद के महंगे होने और कालाबजारी के कारण किसानों की खेती में लागत मूल्य काफी बढ़ गया है, जिससे किसान लाचार और विवश होकर खेती करने को मजबूर हैं।
जन-आक्रोश और सरकार से ठोस कदम की मांग
अशोक साहू ने बताया कि खाद की इस किल्लत और कालाबाजारी से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा:
“किसान हमारे अन्नदाता हैं और इस प्रकार उनका शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार और संबंधित विभाग को इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए खाद की कालाबाजारी करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों को उचित दर पर खाद मिल सके और उन्हें राहत पहुंचे।”








