🛑 JSSC महिला सुपरवाइजर भर्ती पर उठे सवाल: राधा गोविंद यूनिवर्सिटी रामगढ़ की तीनों बैचों की 33 छात्राएं चयनित, मामले की जांच शुरू
रांची/रामगढ़। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा-2023 का परिणाम अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय (RGU) के समाजशास्त्र एवं मनोविज्ञान विभाग की लगातार तीन शैक्षणिक सत्रों की सभी छात्राओं के चयन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर संबंधित विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018–21, 2019–22 और 2020–23 सत्र में इन दोनों विषयों में नामांकित कुल 33 छात्राओं का महिला सुपरवाइजर पद पर चयन हुआ है। बताया जा रहा है कि इन तीनों बैचों में नामांकित एक भी छात्रा चयन से वंचित नहीं रही।
चयन का विवरण:
2018–21: 8 में 8 छात्राएं चयनित
2019–22: 17 में 17 छात्राएं चयनित
2020–23: 8 में 8 छात्राएं चयनित
यानी तीन वर्षों में कुल 33 में 33 छात्राओं का चयन हुआ।
जांच के दायरे में पूरा मामला
रिपोर्टों के अनुसार, समाज कल्याण विभाग को आशंका है कि नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ अभ्यर्थियों का एक विशेष विश्वविद्यालय में दाखिला कराया गया हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान विश्वविद्यालय के नामांकन रजिस्टर, उपस्थिति, परीक्षा रिकॉर्ड, अंकपत्र, डिग्री तथा भर्ती में प्रस्तुत दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय ने दी सफाई(सूत्रों के अनुसारस झूठ सफाई)
राधा गोविंद विश्वविद्यालय ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि छात्राओं की सफलता उनकी मेहनत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम है। विश्वविद्यालय का कहना है कि उसके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित हैं और जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
जांच पूरी होने के बाद ही होगा खुलासा
फिलहाल मामले की जांच जारी है। अभी तक किसी छात्रा, विश्वविद्यालय या अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच रिपोर्ट आने और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
👉 फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 33 में 33 छात्राओं का चयन असाधारण प्रदर्शन का परिणाम है या भर्ती प्रक्रिया में किसी अनियमितता का संकेत। इसका जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।








