बड़कागांव सीएचसी में सरकारी दवाओं की हेराफेरी का भंडाफोड़, झोले में दवाएं ले जाते ANM के पति रंगे हाथों पकड़े गए
बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सरकारी दवाओं की कथित हेराफेरी और अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अस्पताल के स्टोर कक्ष से कीमती और महंगी दवाइयां झोले में भरकर बाहर ले जाते हुए सेवानिवृत्त एएनएम के पति को सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार, 28 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे, बड़कागांव सीएचसी परिसर में सन्नाटे का फायदा उठाकर बिहार निवासी यमुना प्रसाद (जो कि अंगो पंचायत की सेवानिवृत्त एएनएम मंजू देवी के पति हैं) सीधे स्टोर कीपर कक्ष में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां से झोले में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां भरीं और बाहर निकलने लगे।
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड आजिया मियाँ की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान झोले से सरकारी दवाएं बरामद हुईं।
बीच-बचाव के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में कुछ कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से बीच-बचाव किए जाने की बात सामने आई है।
आरोप है कि यमुना प्रसाद ने सुरक्षा गार्ड से माफी मांगते हुए वहां से निकलने का प्रयास किया और मौका पाकर फरार हो गए।
इस पूरे घटनाक्रम में रंजीत ठाकुर और नसरुद्दीन मियाँ की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, जिन पर आरोपी को भगाने में मदद करने का अंदेशा जताया जा रहा है।
लंबे समय से चल रही थी दवाओं की अवैध हेराफेरी
स्थानीय स्तर पर और ग्रामीणों के बीच यह चर्चा आम है कि सेवानिवृत्त एएनएम मंजू देवी और उनके पति द्वारा लंबे समय से सरकारी दवाओं की हेराफेरी की जा रही थी।
पिछले 20 वर्षों का खेल: आरोप है कि पिछले करीब 20 वर्षों से सीएचसी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अस्पताल के स्टोर से महंगी दवाइयां निकालकर अवैध रूप से बाजार में बेचने का काला कारोबार चल रहा था। सेवानिवृत्ति के बाद भी यह दंपति ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा संबंधी अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा था।
बिहार तक सप्लाई का आरोप: यमुना प्रसाद पर बिहार में खांसी की दवाओं के सिरप की कथित आपूर्ति करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
पंचायत भवन पर अवैध कब्जा: ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अंगो पंचायत भवन में सेवानिवृत्ति के बाद भी दंपत्ति द्वारा अवैध रूप से कब्जा जमाकर रहा जा रहा है, जिसका विरोध करने पर भी वे ताला खाली करने का नाम नहीं ले रहे हैं।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लिया कड़ा संज्ञान
बड़कागांव सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कुछ आवश्यक दवाओं (जैसे डिलोना दर्द निवारक दवा) की कमी की शिकायतों के बीच इस तरह की अवैध निकासी चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच कराई जा रही है और आरोपी के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









