: हजारीबाग के युवा नेता सचिदानंद पांडेय ने सांसद के दो वर्ष के कार्यकाल को लेकर प्रेस वार्ता में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद अपने कार्यकाल की ठोस उपलब्धियां गिनाने के बजाय केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख कर रहे हैं, जबकि जिले में अपेक्षित बड़े विकास कार्य नहीं हो सके हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान सचिदानंद पांडेय ने कहा कि हजारीबाग आज भी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का इंतजार कर रहा है। उनके अनुसार, विकास के नाम पर केवल दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर बड़ी परियोजनाएं दिखाई नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक और निजी आयोजनों में शामिल होना अलग बात है, लेकिन उसे क्षेत्रीय विकास नहीं माना जा सकता।
पांडेय ने हजारीबाग की प्रमुख आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए रिंग रोड के निर्माण, लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन, हवाई अड्डे की स्थापना, रोजगार के अवसरों के सृजन तथा उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग दोहराई। उनका दावा था कि सांसद के दो वर्षों के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में कोई बड़ी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
सांसद की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए पांडेय ने आरोप लगाया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा आम नागरिकों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि का दायित्व जनता के सवालों का जवाब देना है।
अंत में सचिदानंद पांडेय ने कहा कि हजारीबाग की जनता अब विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में मतदाता अपने मतदान के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे।










